टी-20 विश्व विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के चंडीगढ़ शहीद भगत सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की मैनेजमैंट ने किया भव्य स्वागत चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट, मैनेजमैंट कमेटी व अन्य सदस्यों ने भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह व उनके परिवार को पहनाई फूल मालाएं, ढ़ोल नगाड़ों की आवाज से गूंजा चंडीगढ़ शहर अर्शदीप के शौक को पेशे में बदलने में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का बहुत बड़ा योगदान है: अर्शदीप के पिता दर्शन सिंह

By Firmediac news Jul 6, 2024
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मोहाली 6 जुलाई। शनिवार की शाम साढ़े 6 बजे टी-20 विश्व कप की जीत के बाद पहली बार अर्शदीप सिंह अपने परिवार सहित चंडीगढ़ शहीद भगत सिंह हवाई अड्डे पर पहुंचे। जहां पर पहले से मौजूद चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट के कोच, मैनेजमेंट व लोगों ने उनका ढ़ोल नगाड़ों की गूंज के साथ भव्य स्वागत किया। अधिकारियों ने इस मौके पर अर्शदीप और उनके परिवार के गले में फूल मालाएं भी डाली गई। वहां पर लोगों का उत्साहपूर्ण माहौल देखने लायक था। जिक्रयोग्य है कि अमेरिका-वेस्ट इंडीज में टी-20 विश्व कप के 9वें संस्करण में भारत की ओर से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट व भारतीय टीम के तेज गेंदबाज अर्शदीप की गेंदों ने विपक्षी टीमों के बल्लेबाजों के खिलाफ कहर भरपाया। अपनी गेंदबाजी के साथ भारत की ओर से सबसे ज्यादा 17 विकेट भी अपने नाम किए। दिलचस्प बात यह रही कि किसी भी संस्करण में इससे पहले कोई भी गेंदबाज इतनी विकेट टी-20 विश्व कप में नहीं ले पाया है। यह भी रिकॉर्ड उन्होंने अपने नाम कर लिया है। इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट रैंकिंग में भी पहला स्थान हासिल कर लिया है।
उल्लेखनीय है कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी केवल अकादमिक उत्कृष्टता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि खेल जगत में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पदक जीतकर नए कीर्तिमान स्थापित कर भारतीय खेलों के भविष्य को भी आकार दे रही है। ताकि खेल जगत में भी उनके स्टूडेंट्स को वितीय परेशानी का सामना ना करना पड़े। इसकी सबसे बड़ी मिसाल अर्शदीप सिंह है। अर्शदीप सिंह टी-20 वर्ल्ड कप में लहराती गेंदों से विपक्षी टीमों के खिलाड़ियों पर कहर बरपाते हुए भारत को वर्ल्ड कप दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 17 विकेट चटकाए। फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के साथ 2 विकेट, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 विकेट, बांग्लादेश के खिलाफ 2 विकेट, अफगानिस्तान के खिलाफ 3 विकेट, अमेरिका के खिलाफ 4 विकेट, आयलैंड के खिलाफ 2 और पाकिस्तान के खिलाफ 1 विकेट चटकाए। विश्व कप में अर्शदीप के प्रदर्शन ने देश व सूबे का नाम भी रौशन किया है। क्रिकेट खेलना अर्शदीप का जुनून रहा है। जब से उन्होंने खेलना शुरू किया था तब से हमेशा उसको अपने परिवार का समर्थन मिला है। अर्शदीप द्वारा की गई कड़ी मेहनत का ही प्रतिफल है। जिस कारण यह मुकाम हासिल हो सका है। इसके अलावा, सीयू के एथलीटों ने देश को गौरवांवित करते हुए साल 2023-24 में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 134 पदक जीते हैं। हाल ही में फ्रांस में 26 जुलाई-11 अगस्त, 2024 तक आयोजित पेरिस 2024 ओलंपिक खेलों में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (सीयू) के 7 छात्रों भजन कौर (तीरंदाजी) अर्जुन बाबूता (शूटिंग), संजय (हॉकी), रीतिका (कुश्ती), अक्षदीप सिंह (रेस वाकिंग), पलक कोहली (बैडमिंटन), अरुणा तंवर (ताइक्वांडो) ने पेरिस ओलंपिक खेलों 2024 के लिए क्वालीफाई कर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी को गौरवान्वित किया है।
राज्यसभा सांसद और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने अर्शदीप सिंह व उनके माता पिता को उत्कृष्ट प्रदर्शन और उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा, श्श् टी-20 वर्ल्ड कप में किए अर्शदीप सिंह के प्रदर्शन पर गर्व है, इस वर्ल्ड कप में उनका प्रदर्शन काबिले तारीफ रहा है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी एक शैक्षणिक संस्थान के रूप में अपने स्टूडेंट्स के बीच शैक्षणिक सुविधा और समग्र विकास दोनों को बढ़ावा देने की अपनी जिम्मेदारी को समझती है।
यह हमारे लिए गर्व की बात है कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट अर्शदीप सिंह ने न सिर्फ देश का मान बढ़ाया बल्कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का भी नाम रोशन किया है। उन्होंने आगे कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने हमेशा शिक्षा के साथ- साथ खेलों पर जोर दिया है, स्टूडेंट्स को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने में सक्षम बनाने में सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि उभरती खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने पर ध्यान देने के साथ, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कैंपस में खेलो का विकास सुनिश्चित करने के लिए इस साल 8.5 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। जिसमें 3.84 करोड़ रुपये की मेजर ध्यानचंद स्कॉलर्शिप भी शामिल है। यूनिवर्सिटी छात्रों को अनुभवी प्रशिक्षकों और कोचों के तहत अभ्यास करने के लिए अत्याधुनिक खेल सुविधाएं प्रदान करती है। इसके अलावा, सीयू मासिक छात्रवृत्ति के माध्यम से खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता भी प्रदान करती है, वर्तमान में, 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति के साथ 407 स्टूडेंट्स सहित 1183 छात्र जिनमें 562 छात्राएं शामिल है, जोकि छात्रवृति का लाभ उठा रहे हैं, जिसमे निःशुल्क विशेष आहार, खेल किट, खेल प्रतियोगिता स्थलों पर जाने का खर्च, कोचिंग खर्च, छात्रावास सहित अन्य सुविधाएं शामिल हैं।
अर्शदीप सिंह के पिता दर्शन सिंह ने कहा कि अर्शदीप को शुरू से ही क्रिकेट का बहुत शौक था। उस शौक को पेशे में बदलने के लिए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का बहुत बढ़ा योगदान है। क्योंकि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के पास बेस्ट स्पोर्ट्स स्ट्रक्चर है और बढ़िया स्पोर्ट्स पॉलिसी के साथ कैंपस इतना लाजवाव है। अगर कोई खेलों में आगे चाहना चाहता है तो चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उनके लिए बढ़िया चुनाव है। यह जो मुकाम मेरे बेटे ने हासिल किया है उसमे सबसे अहम भूमिका चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कि रही है। आज वो पूरी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ही नहीं पूरे देश का सुपर स्टार है।

 

 

 

 

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